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फुलेरा गांव में सियासी तड़का…फिर शुरू होगा प्रधानजी और विधायक की जंग, Panchayat 3 में हंसी के साथ दबंगई भी दिखी

ओटीटी पर रिलीज हुई पंचायत की तीसरी सीरीज भी रिलीज हो गई है। Panchayat 2 की सफलता के बाद Panchayat 3 भी धूम मचाने को तैयार है। पंचायत 2 में शुरू हुई प्रधानजी और विधायक की जंग, सीजन 3 में भी जारी है। इसके साथ ही इसमें हंसी-इमोशनल के साथ दबंगई भी देखने को मिली। इस सबके बीच और भी बहुत कुछ फुलेरा गांव में होना है। पंचायत 3 में इस बार मस्ती और कॉमेडी के साथ-साथ खूब राजनीति भी है, तो वहीं आपको एक्शन और ट्विस्ट भी देखने मिलेगा। इमोशंस की भी कोई कमी मेकर्स ने इस नए सीजन में नहीं छोड़ी है।

Panchayat 3 की शुरुआत सचिव जी के शहर में सुट्टा फूंकने से होती है। सचिव जी अपने साथ हुए कांड के बाद फुलेरा से दूर वापस शहर में जा बसे हैं। वह अपनी पढ़ाई पर ध्यान दे रहे हैं, लेकिन साथ ही फुलेरा की पल-पल की खबर भी पा रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ प्रधानजी, मंजू देवी और विकास मिलकर नए सचिव का अनोखा स्वागत करने की तैयारी में हैं। इस सबके बीच प्रह्लाद के हाल चिंताजनक हैं।

वहीं, बेटे के गम में प्रह्लाद की हालत बद से बदतर हो गई है। अब उनका ज्यादातर वक्त नशे में जाता है। दुनिया और लोगों से उन्हें कोई लगाव नहीं रहा, तो वहीं रिंकी के मन में सचिव जी के प्यार का कमल खिल उठा है। इन सभी पर नजर है बनराकस की, जो विधायक के साथ मिलकर गर्दा उड़ाने की तैयारी में है और वो विधायक, फुलेरा के लोगों का मुंह देखने और उनका नाम सुनने को भी तैयार नहीं है। लेकिन मौका मिलने पर उनके पीछे हाथ-पैर धोकर पड़ने की फिराक में वो जरूर बैठा है।

दरअसल, पंचायत 3′ की जान इसकी राइटिंग और एक्टर्स हैं, इस बार भी हर एक एक्टर ने कमाल किया है. सचिव के रोल में जीतेंद्र कुमार फिर से लाजवाब हैं, वो फुलेरा गांव वापस आकर खुश भी होते हैं और यहां की दिक्कतों से परेशान भी, रिंकी से इश्क भी करते हैं और उन्हें पढ़ाई भी करनी है, हर एक्सप्रेशन में वो लाजवाब हैं। प्रधान जी के किरदार में रघुबीर यादव की एक्टिंग बेमिसाल है, वो ऐसे एक्टर हैं जिनकी एक्टिंग को आप रिव्यू कर ही नहीं सकते, हर बार कमाल का काम करते हैं।

नीना गुप्ता का काम शानदार है, सोशल मीडिया पर अक्सर बड़े मॉर्डन अंदाज में नजर आने वाली नीना गुप्ता यहां सिंपल सी साड़ी में दिल जीत ले जाती हैं। प्रह्लाद के किरदार में फैसल मलिक का काम जबरदस्त है। बेटे के जाने के बाद एक बाप पर क्या बीतती है, ये फैसल आपको अच्छे से महसूस करा देते हैं। विकास के किरदार में चंदन रॉय ने फिर से कमाल का काम किया है। रिंकी के किरदार में सान्विका कमाल लगती हैं, उनका सिंपल और सहज अंदाज दिल जीत लेता है।

बनराकस यानि भूषण के किरदार में दुर्गेश कुमार जबरदस्त हैं, वो गजब तरीके से पाला पलटते हैं और हर बार उनके एक्सप्रेशन कमाल होते हैं। बिनोद के किरदार में अशोक पाठक एक बार फिर कमाल कर जाते हैं। अब तो वो कांस तक जा चुके हैं और यहां उन्हें देखकर ये बात समझ आती है कि ये एक्टर वहां तक कैसे पहुंचा। विधायक जी बने पंकज झा जबरदस्त हैं, वो इस गांव में फसाद की पूरी जड़ हैं और इस किरदार को उन्होंने बड़ी मजबूती से निभाया है। क्रांति देवी के किरदार में सुनीता राजवर ने शानदार काम किया है।

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