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कर्मचारी मोर्चा ने की मांग : शिक्षकों व कर्मचारियों के ट्रांसफर पर बैन हटे,  कैबिनेट बैठक में ले फैसला

छत्तीसगढ़ संयुक्त कर्मचारी मोर्चा ने राज्य सरकार से शिक्षकों और कर्मचारियों के ट्रांसफर पर लगे बैन को हटाने की मांग की है, संयुक्त मोर्चा ने प्रदेश सरकार से इस वर्ष 2024 की स्थानांतरण नीति शीघ्र जारी किए जाने की मांग की है, पहले हर वर्ष जून जुलाई माह में कर्मचारियों के स्थानांतरण से प्रतिबंध हटाया जाता था |

बता दें कि पूर्व भूपेश सरकार ने दो साल पहले से शिक्षकों और कर्मचारियों के स्थान्तरण पर बैन लगा दिया था, पिछले दो साल से बैन लगे हुए कारण शिक्षकों और कर्मचारियों को काफी दिक्कतें आ रहीं है, छत्तीसगढ़ संयुक्त कर्मचारी मोर्चा ने मांग की है, प्रत्येक वर्ष जून जुलाई माह में शिक्षको व कर्मचारियों के स्थानांतरण पर लगा परिबंध हटाया जाता है, जिसके तहत कम से कम दस प्रतिशत कर्मचारियों का स्थानांतरण स्वैच्छिक या प्रशासनिक आधार पर किया जाता है।

संगठन के प्रदेशाध्यक्ष जाकेश साहू, पुरुषोत्तम शर्मा एवं महेश्वर कोटपरहिया ने कहा है कि प्रदेश में विगत दो वर्षो से शिक्षकों एवं कर्मचारियों के स्थानांतरण पर लगे प्रतिबंध को नहीं हटाया गया है, इस बैन को हटाने के लिए राज्य सरकार क पत्र लिखा गया है, ट्रांसफर बैन होने कारण कई शिक्षकों एवं कर्मचारियों काफी दिक्कत्तों का सामना करना पड़ रहा है,

छत्तीसगढ़ संयुक्त कर्मचारी मोर्चा” के प्रदेश संयोजक एवं “प्रधान पाठक मंच छत्तीसगढ़” के प्रदेशाध्यक्ष जाकेश साहू, कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष परस राम निषाद, प्रदेश उपाध्यक्ष नरेंद्र तिवारी, प्रदेश महामंत्रीगण प्रमोद कुंभकार, राजेश बघेल, राजीव टेमरे, जिलाध्यक्षद्वय पुरुषोत्तम शर्मा, परमेश्वर साहू, महेश्वर कोटपरहिया, महेंद्र टंडन, बरत राम रत्नाकर, निर्मल भट्टाचार्य, धन्नू साहू, उत्तम कुमार जोशी, एवं प्रदेश, जिला व ब्लाक पदाधिकारीगण उज्जवल चंद्रा……….अभिमन्यु बघेल, रंजिता बरेठ, राजूकुमार संवरा, मयाराम सतरंज, ईशा नायक, राधेश्याम चंद्रा, यशवंती, धीवर, मनीराम केंवट, सुन्दर साहू, पुष्पेन्द्र बनाफर, नरेशचंद्रा, दादूलाल चंद्रा, मुकेश नायक, धर्मेंद्र रजक, गुणक चौधरी, रंजीत गुप्ता, सगुन तिवारी, गणपत राव, राधेश्याम धीवर, राजेश पाठक, अजित नेताम, विजेंद्र पाठक, श्याम केंवट, सुजाता त्रिपाठी, अजय भट्ट, कुमार पाठक, त्रिवेणी राजपूत, नामदेव सिंह आदि ने संयुक्त बयान जारी करते हुए राज्य सरकार से मांग की है कि इस वर्ष अर्थात 2024 की स्थानांतरण नीति शीघ्र ही जारी की जानी चाहिए।

 

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