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BJP नेता ओपी चौधरी ने CM भूपेश बघेल को लिखी चिट्ठी….एक चिट्ठी भूपेश बघेल जी के नाम, मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़, वर्तमान पता – असम….पढ़ें पूरी चिट्ठी

कलेक्ट्री छोड़ राजनीति का दामने थामने वाले बीजेपी नेता और आईएएस अफसर ओपी चौधरी ने भी सीएम भूपेश बघेल को चिट्ठी लिखी है । चिट्ठी में प्रदेश में कोरोना के बढ़ते मामले को लेकर बीजेपी नेता ओपी चौधरी ने भूपेश बघेल को सवालों के घेरे में खड़ा किया है |चौधरी ने चिट्टी को सोशल मीडिया में शेयर कर लिखा है – एक चिट्ठी भूपेश बघेल जी के नाम….

एक चिट्ठी भूपेश बघेल जी के नाम….
आदरणीय भूपेश बघेल जी
मुख्यमंत्री,छत्तीसगढ़
वर्तमान पता-असम
जय जोहार !

भूपेश बघेल जी राष्ट्रीय पार्टी में काम करते हुए दूसरे राज्यों के चुनाव में जाना सामान्य तौर पर होता है । पिछले 1 महीने से आप असम में हैं। मैंने पहले इसे कभी कोई मुद्दा बनाने की कोशिश नहीं की, लेकिन इस पोस्ट में जो वीडियो है, वह एक दर्दनाक मंजर को बयान करता है। यह वीडियो एक पत्रकार भाई ने टि्वटर पर पोस्ट किया है, उसने लिखा है कि यह वीडियो आप के गृह जिले दुर्ग के एक श्मशान घाट की है। दुर्ग जिले में भी कोरोना से बिगड़ते हालात अब बेकाबू हो चुके हैं। अपनी जान से हाथ धोने वाले लोगों की तादाद दर्दनाक ढंग से बढ़ रही है और श्मशान में लाश जलाने के लिए भी जगह कम पड़ रही है। छत्तीसगढ़ में केवल दुर्ग के हालात ही ऐसे नहीं है। रायपुर की स्थिति भी अत्यंत चिंताजनक है । अन्य जिलों में भी हालात लगातार बिगड़ रहे हैं।

कोरोना के तेजी से फैलते परिस्थितियों के बीच जिस तरह से 30-40 हजार दर्शकों के बीच रायपुर के अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में क्रिकेट कराई गई,वह क्या गैर जिम्मेदाराना नहीं था ??क्रिकेट प्रतियोगिताएं दुनिया में अन्य जगहों पर भी हो रही हैं, भारत की अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट टीम भी मैच खेल रही है, लेकिन ये सारे मैच बिना दर्शकों के संपन्न हो रहे हैं। जब कोरोना तेजी से फैल रहा था, तब क्या छत्तीसगढ़ के मैचों को भी, बिना दर्शकों के नहीं किया जा सकता था??? असम से बीच में आप छत्तीसगढ़ आकर क्रिकेट मैच देखने पहुंच गये, वहां स्वयं आपकी जिस तरह बिना मास्क की तस्वीर वायरल हुई, यह क्या गैर जिम्मेदाराना नहीं था??? क्या आज रायपुर और दुर्ग में कोरोना के भयंकर स्थिति के लिये 30-40 हजार लोगों के बीच आयोजित यह मैच भी जिम्मेदार नहीं है???

पूरे छत्तीसगढ़ में हर दिन कोरोना संक्रमितों की संख्या और मृत्यु के आंकड़े किसी भी संवेदनशील इंसान को कंपा देने वाले हैं। ऐसी परिस्थितियों में कल आपने ट्विटर पर नाच गान के साथ, असम के एक राजनीतिक समारोह का वीडियो पोस्ट किया है। आपने उसकी हेडिंग दी है- “असम में भाजपा का विदाई समारोह”। भारत के लोकतंत्र में सत्ता में आना और जाना एक सामान्य राजनीतिक प्रक्रिया है।असम के चुनाव परिणाम क्या होंगे? यह तो 2 मई को स्पष्ट हो ही जायेगा। लेकिन आपको और आपकी कांग्रेस सरकार को तो छत्तीसगढ़िया भाई बहनों ने चुना है, उनके साथ आज गैर जिम्मेदाराना व्यवहार क्यों???जब प्रधानमंत्री मोदीजी कोरोना के हालात पर देश के सभी मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक कर रहे थे, तब आप उस बैठक में अनुपस्थित रहकर असम में चुनावी रैली कर रहे थे।क्या यह व्यवहार गैर जिम्मेदाराना नहीं है ??

छत्तीसगढ़ के तेजी से बिगड़ते हालात में भी आप छत्तीसगढ़ नहीं आ रहे हैं। यह हमारे छत्तीसगढ़िया भाई बहनों को बहुत चुभ रहा है। किसी भी संवेदनशील व्यक्ति को यह परिस्थिति हिला देने वाली ही लगेगी कि प्रदेश के हालात इस कदर बेकाबू हो गये हैं और प्रदेश का मुखिया गांधी परिवार की भक्ति में,असम में अपने नंबर बढ़ाने के लिए, संवेदनहीनता की सारी हदें पार कर दे रहा है।हर छत्तीसगढ़िया चाहे वह कांग्रेस पार्टी से संबंधित हो या भाजपा से या बसपा से या जोगी कांग्रेस से हो या आप से हो या CPI या किसी अन्य राजनीतिक दल से। हर छत्तीसगढ़िया को, आपका असम में होना नागवार गुजर रहा है।

जलते लाशों की दर्दनाक वीडियो पोस्ट करने वाले पत्रकार साथी ने अपने एक दूसरे पोस्ट में लिखा है -“रोम जल रहा था और नीरो बंशी बजा रहा था।” यह कथन छत्तीसगढ़ में आपके व्यवहार से कितना सटीक बैठता है यह कहने की कोई की जरूरत नहीं रह गयी है।लौट के आ जाइये मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी।संवेदनहीनता की हदों को पार मत कीजिये।

एक नाचीज – ओपी चौधरी

Sahu Ashish

आशीष साहू ने लिखने-पढ़ने की अपनी अभिरुचि के चलते पत्रकारिता का रास्ता चुना। पत्रकारिता में डिप्लोमा हासिल करने के बाद जुलाई 2012 में दैनिक हिंदी हरिभूमि में बतौर ट्रेनी सब एडिटर दाखिला हो गया | वहां के बाद अक्टूबर 2016 से सीजी न्यूज़ 24 डॉट कॉम टीम का हिस्सा बन गए। यहां फिलहाल संपादक के पद पर तैनाती है। बिलासपुर के रहने वाले हैं और शुरुआती पढ़ाई वहीं हुई। गुरु घासीदास विश्वविद्यालय से कम्प्यूटर में स्नातक की डिग्री है। साहित्यिक अभिरूचियां हैं। कविता-उपन्यास पढ़ना पसंद है। इतिहास के विषय पर बनी फिल्में देखने में दिलचस्पी है। थोड़ा-बहुत गीत-संगीत की दुनिया से भी वास्ता है।
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