देश - विदेश

स्कूलों की छुट्टी: बिलासपुर में कल से नहीं खुलेंगे स्कूल….ठंड के कारण 7 जनवरी तक आठवीं तक के सभी स्कूल बंद

जिले में बढ़ते हुए ठंड एवं शीतलहर के कारण छोटे बच्चों के बच्चों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभाव को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर बिलासपुर के निर्देशानुसार जिले में संचालित समस्त शासकीय एवं अशासकीय – नर्सरी, प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक (कक्षा नर्सरी से आठवीं तक ) में अध्ययनरत छात्र छात्राओं हेतु दिनांक 5 जनवरी 2023 से 7 जनवरी 2023 तक अवकाश घोषित किया जाता है|अवकाश केवल छात्र- छात्राओं के लिए है | शिक्षक तथा अन्य कर्मचारी निर्धारित समय में विद्यालय में उपस्थित रहकर दायित्व निर्वहन करेंगे इसके साथ ही हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी की कक्षाएं पूर्ववत संचालित रहेंगी। कलेक्टर सौरभकुमार ने शीतलहर व कड़ाके की ठंड के चलते कक्षा नर्सरी से 8 वीं तक के बच्चों के लिए 5 से 7 जनवरी तक तीन दिनों के लिए अवकाश घोषित किया है।

सरकारी और निजी दोनों स्कूलों पर ये आदेश लागू होगा। वही अर्द्वार्षिक परीक्षाएं भी नहीं होंगी।गौरतलब ही की पिछले कुछ दिनों से पड़ रही कड़ाके की ठंड की वजह से सुबह के समय सर्द हवाएं चल रही है जिससे सुबह के समय छोटे बच्चों को स्कूल जाने में बहुत दिक्कत हो रही है तो वहीं यलो अलर्ट के बाद आने वाले समय में ठंड और बढ़ेगा जिसे देखते हुए कलेक्टर के द्वारा फिलहाल तो 3 दिनों का यह आदेश निकाला गया है तो वही उम्मीद है कि आने वाले समय में स्कूल के समय में भी कुछ बदलाव के निर्देश जारी हो सकते हैं।

इधर बुधवार को सूर्यदेव ने दर्शन नहीं दिए। सुबह से ही लोगों ने कड़ाके की ठंड महसूस की। दिनभर लोग गर्म कपड़े पहने नजर आए, तो वही दिन में ही लोग अलाव के इर्द-गिर्द ठंड से संघर्ष करते दिखे।

Sahu Ashish

आशीष साहू ने लिखने-पढ़ने की अपनी अभिरुचि के चलते पत्रकारिता का रास्ता चुना। पत्रकारिता में डिप्लोमा हासिल करने के बाद जुलाई 2012 में दैनिक हिंदी हरिभूमि में बतौर ट्रेनी सब एडिटर दाखिला हो गया | वहां के बाद अक्टूबर 2016 से सीजी न्यूज़ 24 डॉट कॉम टीम का हिस्सा बन गए। यहां फिलहाल संपादक के पद पर तैनाती है। बिलासपुर के रहने वाले हैं और शुरुआती पढ़ाई वहीं हुई। गुरु घासीदास विश्वविद्यालय से कम्प्यूटर में स्नातक की डिग्री है। साहित्यिक अभिरूचियां हैं। कविता-उपन्यास पढ़ना पसंद है। इतिहास के विषय पर बनी फिल्में देखने में दिलचस्पी है। थोड़ा-बहुत गीत-संगीत की दुनिया से भी वास्ता है।
Back to top button
close