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रमन कैबिनेट की बैठक : माडा के लोगों को 5 रुपए में मिलेगा चना, चिकित्सा और दन्त महाविद्यालय में स्वशासी समिति के माध्यम से नियमित शिक्षकों की होगी भर्ती

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प्रदेश में आचार सहिता लागू होने से पहले आज मंत्रालय में रमन केबिनेट की बैठक रखी गई थी, मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में कई अहम् मुद्दों पर चर्चा के बाद निर्णय लिया गया | प्रदेश के माडा क्षेत्र के गावों में 2 रूपए चावल, 5 रूपए चना प्रति किलो दर से देने का निर्णय लिया गया | इसके साथ ही चिकित्सा महाविधालय में शिक्षकों की भर्ती की मंजूरी दी गई | 

रदेश में अचार सहिता लागू होने से पहले इस बैठक को आखिरी और महत्व पूर्ण बैठक कही जा रही थी, इस बैठक में कई मुद्दों पर चर्चा करने के साथ ही छत्तीसगढ़ के 9 माडा क्षेत्रों के 1080 गांवों में निवासरत समस्त अंत्योदय और प्राथमिकता वाले राशनकार्ड धारको को भी छत्तीसगढ़ खाद्य एवं पोषण सुरक्षा अधिनियम 2012 के तहत हर महीने प्रति राशन कार्ड 2 किलो देशी चना 5 रुपए प्रति किलो की दर से दिया जाएगा । लगभग एक लाख 27 हजार 114 राशन कार्ड धारक परिवार को इसका लाभ मिलॆगा।

प्रदेश के 7 जिलों में 9 माडा क्षेत्र

बता दें कि प्रदेश के 7 जिलों में 9  माडा क्षेत्र है  इनमें रायगढ़ क्षेत्र में 2 माडा क्षेत्र गोपालपुर और सारंगढ़ में क्रमश 33 और 100 गांव शामिल हैं, राजनांदगांव के नचनिया माडा क्षेत्र में 77,  बलौदाबाजार के माडा बलौदाबाजार में 147, जांजगीर चांपा के रुचगा माडा क्षेत्र में 46, कबीरधामा के माडा में 219 और महासमुंद-200 और महासमुंद-2-  215 तथा धमतरी के गंगरेल माडा क्षेत्र में 43 गांव शामिल हैं ।

महाविद्यालय में नियुक्ति का अधिकार 

केबिनेट में लिए गए आज फीअसले के मुताबिक प्रदेश के  स्वशासी चिकित्सा महाविद्यालय शैक्षणिक आदर्श सेवा 2018 को प्रदेश में लागू किया जायेगा। इसके अंतर्गत चिकित्सा महाविद्यालयों और दंत चिकित्सा महाविद्यालय के लिए नियमित नियुक्ति का अधिकार स्वशासी समिति की कार्यकारिणी समिति को होंगे। और पारदर्शी तरीके से नियुक्ति होगी। जिसके वेतन भत्ते मुताबिक की व्यवस्था स्वयं के राजस्व से करने के लिए कालेज समर्थ रहेगा। यह भी प्रावधान किया गया है चयनित शिक्षक अपने अपने कालेज में ही कार्य करेंगे और अधीक्षक जैसे प्रशासनिक पदों पर भर्ती नहीं की जायेगी। 

गौशालाओं में सौर सुजला योजना के तहत सोलर पंप 

पशुधन विकास विभाग के अंतर्गत पंजीकृत गौशालाओं को भी सौर सुजला योजना के तहत सोलर पंप दिये जायेंगे। जिससे पशुओं के लिए पेयजल एवं चारा उत्पादन के लिए सिंचाई की सुविधा मिल सके। बता दें कि इस योजना के तहत किसानों को उनके खेतों को उनके शासकीय योगदान पर सोलर सिंचाई पंप दिये जा रहे हैं। प्रदेश में पहले 51 हजार सिंचाई पंप स्थापना का लक्ष्य था, जिसे मार्च 2019 तक बढ़ाकर 56, 574 कर दिया गया है। चालू वित्तीय वर्ष 2018-19 में ये 490 करोड़ खर्च कर 19 हजार 494 सोलर सिंचाई पंप लगाये जायेंगे। मंत्रीपरीषद में गौशालाओं में चरणबद्ध तरीके से गौशालाओं में सिंचाई पंप लगाने का निर्णय लिया है।

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