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सियासत की बात : कांग्रेस अब अप्रासंगिक, हम जनता को देंगे अच्छा विकल्प…. बेलतरा में मैं बाहरी नहीं, वह बिलासपुर ग्रामीण सीट है : अनिल टाह

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अनिल टाह राजनीति मे ऐसा जाना पहचाना नाम है , जिसका लोग पक्ष लें या विरोध करें पर इग्नोर नहीं कर सकते। वे पद पर हों अथवा न हों, उनके चाहने वालों की संख्या कम नहीं होती।कभी भी जाइए , उनके गोंड पारा स्थित निवास पर मजमा कम नहीं होता । उनके इस अंदाज से विरोधियों को ईर्ष्या भी होती है। करीबी जानते हैं कि जब कोई साथ नहीं देता तब टाह मददगार होते हैं। वे दलीय निष्ठा से ऊपर जोगी के प्रति समर्पित हैं। पार्षद व बीडीए अध्यक्ष रह चुके टाह इस बार जनता कांग्रेस से बेलतरा विधानसभा के प्रत्याशी रहेंगे। टीम सीजी न्यूज़ 24 डॉट कॉम से उन्होंने खास बातचीत की।प्रस्तुत हैं बातचीत के कुछ खास अंश –

सवाल – अपने बारे में बताइये? आपकी पढाई-लिखाई कहाँ से हुई?

मेरा बचपन बिलासपुर में ही गोंड़पारा में बीता, बिलासा माई की धरती में मैंने चलना सीखा | मेरी स्कूल शिक्षा बिलासपुर गोंड पारा से पूरी हुई, मैंने सीएमडी कॉलेज से बैचलर ऑफ साइंस की पढ़ाई पूरी की है, एमएससी फर्स्ट ईयर करने के बाद आगे की पढ़ाई नहीं किया, इसके बाद मैंने लॉ की पढ़ाई की | जिस घर में मैं आज रहता हूँ, उसी घर में मेरा जन्म हुआ है |

सवाल – आप तीन बार बिलासपुर से चुनाव लड़े, पार्षद रहे, बीडीए के अध्यक्ष पद पर भी रहे, फिर यू अचानक बेलतरा से क्यों चुनाव लड़ रहे हैं ?

मेरी व्यक्तिगत मान्यता ये है कि जैसे आप बेलतरा क्षेत्र की बात कर रहे है, वो बिलासपुर ही है, बेलतरा का नाम बिलासपुर ग्रामीण होना चाहिए था | मुझे ग्रामीण क्षेत्र की राजनीति अच्छी लग रही है, बेलतरा से चुनाव लड़ने के लिए मुझे बेलतरा के लोगों ने कहा, जिसमें मुख्य रूप से चांटीडीह, चिंगराजपारा, लिंगियाडीह, मंगला और भी ग्रामीण क्षेत्र के लोगों ने कहा बेलतरा से चुनाव लड़ने के लिए |

सवाल – आपने जोगी जी का साथ क्यों दिया, पार्टी के प्रति आस्था क्यों नहीं रखी?

– जोगी जी को मैंने करीब से देखा हैं, जब वे 2000 से 2003 तक प्रदेश के मुख्यमंत्री थे, जोगी जी छत्तीसगढ़ का एक दर्शन, छत्तीसगढ़ का विकास, छत्तीसगढ़ के लोगों का आस का प्रतीक है अजीत जोगी जी, मैं व्यक्तिगत और पारिवारिक रूप से उनसे प्रभावित तो था ही, राजनितिक रूप से मैं हमेशा उनसे प्रभावित रहा, में मैं हमेशा उनके साथ रहा हूं, जोगी जी ने छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस बनाकर छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक आयाम, एक नया मौका, एक नया ऑप्शन छत्तीसगढ़ के लोगों को दिया |

सवाल – आपकी पार्टी बोल रही जोगी की सरकार आने पर तमाम तरह के काम करेंगे, लेकिन जब जोगी जी की सरकार थी, तब क्यों नहीं किया गया?

– ये लोगों के द्वारा गलत भ्रम अफवाह फैलाया जा रहा है, जोगी जी ने तब भी कदम उठाया था, जिसका मैं कुछ उदाहरण दे सकता हूँ | मैं बता सकता हूँ कि जोगी ने जब पहली बार धन का समर्थन मूल्य निश्चित किया, उस समय माननीय अटल बिहार बाजपेयी जी का दिल्ली में सरकार थी, जब जोगी जी दिल्ली गए और माननीय अटल बिहारी जी के सरकार से कहा, उन्होंने ने भी उसी तरह से कहा जिस तरह से आज नरेंद्र मोदी ने कहा, कि मैं 1475 रुपये से अधिक धान का समर्थन मूल्य नहीं दे पाउँगा और रमन सिंह इस बात को जानते है कि मोदी जी ने यहां के लोगों के साथ नाइंसाफी की है | जब अजित जोगी का राज था, तब अटल जी के पास गए अटल जी ने समर्थन मूल्य देने से मना किया तो जोगी जी रमन की तरह लौटकर नहीं आए, जोगी जी वहां से विश्व बैंक गए, विश्व बैंक से कर्जा लेकर किसानों का समर्थन मूल्य को पटाया, जो उनकी कार्य शैली को दर्शाता है, जो आज जोगी जी किसानों को 2500 रुपए समर्थन मूल्य देने की बात कह रहे हैं, निश्चित ही हम देंगे किसानों को जब प्रदेश में हमारी सरकार बनेगी तो ।

जोगी जी आज कह रहे है आज प्रदेश में 20 लाख बेरोजगार है, और ये रमन सरकार आऊटसोर्सिंग का बहाना कर रहे है, आज जोगी जी प्रदेश के लोगों को कह रह रहे कि रोजगार दूंगा नहीं तो स्वरोजगार दूंगा | इसका सबसे बड़ा उदहारण है जोगी जी का 2000 से 2003 तक उनका सरकार था, जो आपका प्रश्न है, उस समय जोगी जी ने एक इंड्रस्टीयल एक रूल बनाया था, औद्योगीकरण औद्योगिक मजदूरी रूल बनाया था, जिसमें 80 फीसदी नौकरियां जो है छत्तीसगढ़ के लोगों को मिलनी चाहिए और जो 20 प्रतिशत तकनीकी नौकरी है वो बाहरी लोगों को लाया जा सकता है | उस समय भी जोगी ने जो बात कही थी, अभी भी कह रहे हैं, अब 90 प्रतिशत को रोजगार देने की बात कह रहे हैं, क्योंकि छत्तीसगढ़ के लोग सक्षम हैं, 2000 से 2003 में जोगी जी कांग्रेस में रहते हुए ये लड़ाई अपनी तरीके से लड़े थे |

सवाल – आपको ऐसा नहीं लगता कि आपने गलत पार्टी का चयन कर लिया है?

कभी नहीं, बल्कि मुझे सर्वाधिक खुशी हुई, और जब हमने छत्तीसगढ़ यात्रा लेकर एक-एक गांव, एक-एक घर में गए, 45 दिन की यात्रा पूरे 90 विधानसभा में अलग- अलग यात्रा निकला गया था, जब मैं अपनी यात्रा लेकर बेलतरा विधानसभा में गया, तो वहां के लोगों का जो रिस्पॉन्स था, लोगों का जो प्यार मिला, विश्वास मिला, वो सिर्फ जोगी जी के साथ होने का था, सबसे बड़ी बात जोगी जी के साथ, मुझे बहुत खुशी हुई की हमने छत्तीसगढ़ में कम से कम लोगों को एक मौका दिया हैं कि दोनों राष्ट्रीय पार्टी को छोड़कर, क्षेत्रीय पार्टी का विस्तार करे |

सवाल – अनिल टाह साहब यदि राजनीति में नहीं होते, तो क्या होते ?

देखिये मैं वैसे आपको अपने व्यवहार के बारे में क्या बताऊ, मैं शुरू से ही सोशल एक्टिविटी में इनवॉल रहा हूं, सामाजिक कार्य हमेशा मेरी पहली प्राथमिकता रही है, जब मैं स्कूल-कॉलेज में पढ़ता था, तब भी मैं विभिन्न सामाजिक संगठनों से जुड़ा रहता था, जब हम स्कूल कालेज से ऊपर आये, तब हमने राजनीती में आने के बाद भी सामाजिक कार्य करते रहे और करते रहेंगे ,आज भी मैं 11 वर्षों से शोभा टाह फॉउंडेशन के माध्यम से स्वास्थ शिविर लगाते आ रहा हूं, और निर्धन कन्यायों की विवाह में पूरी रूचि देता हूँ ।

सवाल – बेलतरा में कांग्रेस के कार्यकर्ता कम, दावेदार ज्यादा दिखाई दे रहे हैं, भाजपा में भी टिकट को लेकर घमासान मचा हुआ है, इसे किस रूप से देखते हैं?

जहाँ तक सवाल भारतीय जनता पार्टी की कार्यशैली का है, तो भाजपा लगातार तीन सालों से बेलतरा से चुनाव जीतती चली आ रही हैं, 2008 से सीपत और बेलतरा से, अब लोगों का भाजपा से विश्वास उठ चूका हैं, और मुझे ऐसी आशा और विश्वास है कि इस बार भाजपा चुनाव नहीं जीतेगी, रहा सवाल आपने कांग्रेस की बात की है, तो मैं आपको एक ही शब्द में जवाब दूंगा मैं उसे अप्रसांगिक मानता हूं |

सवाल – आप बेलतरा क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे हैं, आपने अब तक बेलतरा क्षेत्र के लिए क्या किया है, क्या उपलब्धि दी है आपने बेलतरा को?

जहां तक उपलब्धियों का सवाल है तो सबसे पहले मेरी उपलब्धि यही रही है कि मैं अधिकार यात्रा की माध्यम से बेलतरा क्षेत्र की उन सारी कमजोरियों और तकलीफों को देख कर आया हूं , सुधार के लिए मैंने धीरे-धीरे अपनी प्रयास भी शुरू कर दी है, यात्रा के दौरान ग्राम लिम्हा पंहुचा, वहां मैंने कुछ आदिवासियों को देखा, तो सचमुच में तकलीफों में थे, खाने के लाले पड़ चुके हैं, जब मैंने उनसे मिला तो उन लोगों ने मुझे बताया की उनके पास लाखों रूपए के मालिक थे, जिन्हें इस सरकार ने उन्हें गरीब कर दिया | ग्राम लिम्हा में मैंने देखा जो केनाल बनाई गई, उस केनाल में जमीनों का जो अधिग्रहण हुआ हैं, उसमें से 16 किसान इफेक्टेड थे, और इतने वर्षों में भी उन लोगों को जमीन का पैसा नहीं मिला हैं, मैंने सरकार से लड़कर 9 किसानों को मुआवजा दिलाया, तब मुझे जाकर राहत मिली

मैंने वहां देखा सरकारी स्कूलों की हालात बहुत खबर है, कुछ दिन पूर्व लिम्हा स्कूल गया तो देखा कि जो ये भाजपा सरकार नारा लगा है शौच मुक्त होनी चाहिए, वहां सबसे बड़े मैंने देखा की कन्या शौचालय में बड़ा-बड़ा होल थे, जो पिछले 6 महीने से थे और पढ़ने वाली प्यारी बच्चियां वहां जा भी नहीं सकती थी, मैंने खुद खड़े होकर मिस्त्री बुलाकर उस होल को बंद कराया | एक गॉव में देखा कि इतनी तपिश में 40 बच्चे बिना जूता-चप्पल के थे, मैंने उनको जूता का व्यवस्था कराया, मैं ये नहीं कहता कि मैंने कोई अहसान किया , मैं अगर राजनीति में हूँ, तो मुझे मानवता के आधार समझने पड़ेंगे और मानव सम्मति के कार्य करना चाहूँगा |

सवाल – आपकी पार्टी की स्थिति क्या है, प्रदेश के कितने सीटों पर फोकस करके चल रहे हैं, पार्टी कितने सीटों पर जीत सकती है
हम तो ये मान कर चल रहे हैं कि छत्तीसगढ़ में जनता कांग्रेस की सरकार बनेगी, हमने पाया हैं दिल्ली में चाहे केजरीवाल की सरकार हो, चाहे ममता जी की दुबारा वापसी हो, चाहे पटनायक जी कि तीसरी बार वापसी हो, चाहे केसीआर की पहली जीत हो, हमारी ये मानना हैं कि छत्तीसगढ़ देश में 29 वा राज्य हैं, पुरे देश की 29 राज्यों में आज भी 17 राज्य में क्षेत्रीय पार्टी हैं, अगर हमने छत्तीसगढ़ में क्षेत्रीय पार्टी का ऑप्सशन दिया हैं तो वो छत्तीसगढ़ में हमारी क्षेत्रीय पार्टी का सरकार जरूर बनेगी |

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