पॉलिटिकल कैफे पॉलिटिकल पंच

कांग्रेस की टिकट को लेकर बिलासपुर में जमकर पॉलिटिकल ड्रामा!….रायशुमारी के दौरान कांग्रेस भवन में हुआ बवाल, पहले माईक छीना गया, फिर दावेदारों को कांग्रेस भवन से दिखाया बाहर का रास्ता….देर शाम होटल में भिड़े दो दिग्गज कांग्रेस नेता, हाथापाई की नौबत

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कांग्रेस के लिए आवेदन दो टिकट लो का फार्मूला बिलासपुर के लिए मुसीबत साबित होता दिखाई दे रहा है | पीसीसी को दावेदारों के नाम भेजने से पहले एकदिन पहले रायशुमारी के लिए बैठे कांग्रेसियों में जमकर गुटबाजी देखने को मिली, सुबह पहले अपनी बात रखने को लेकर कांग्रेसियों का हंगामा, कांग्रेस भवन से दिग्गज कांग्रेसियों को बाहर का रास्ता दिखाना, या फिर देररात होटल में इसी मुद्दे पर दो दिग्गज कांग्रेसियों का आपस में भिड़ना | यह सब कुछ दिखाता है कि बिलासपुर कांग्रेस में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है, दावेदारों के बीच दीवार खड़ी हो चुकी है, जिसे भाजपा चुनाव में भुनाने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी |

दरअसल, जिला कांग्रेस भवन में 15 अगस्त को बिलासपुर विधानसभा दावेदारों के बीच रायशुमारी हुई । बैठक में विधानसभा समन्वयक मंजू सिंह कि उपस्थिति में दावेदारों, बूथ अध्यक्ष, सेक्टर प्रभारी और जोन कमेटी प्रमुखों के सामने अपनी बात रखने का मौका दिया गया, लेकिन अपनी बात सिर्फ डेढ़ मिनट में ही रखने की शर्त रख दी गई, जिसे लेकर कुछ देर में हो बवाल खड़ा हो गया | शहर के एक प्रमुख दावेदार को बोलते-बोलते जब डेढ़ से ढाई मिनट हो गया तो उनसे माइक ही छिन लिया गया, इसके बाद तो कांग्रेस भवन का माहौल हो बदल गया |

इस पर दावेदारों ने जमकर नाराजगी जताई, कुछ ने तो यह भी कह डाला कि मैंने पार्टी को 40 दिया, अब सिर्फ डेढ़ मिनट बोलने का मौका दिया जा रहा है | इसके बाद रायशुमारी को लेकर दावेदारों ने गंभीर आरोप लगाए हैं । नाराज दावेदारों ने इसे अपमान बताते हुए पुरे रायशुमारी को महज एक नौटंकी बताते हुए कहा कि जब टिकट पहले से फायनल हो गया है तो फिर रायशुमारी की जरूरत ही नहीं थी । अब दावेदार लामबंद होकर पुरे मामले कि शिकायत दिल्ली तक करने की बात कर रहे हैं |

मजेदार बात यह है कि दावेदारों को इतना ही अपमान नहीं सहना पड़ा, जब दावेदार अपनी-अपनी बात रखकर कांग्रेस भवन के एक कमरे में बैठे हुए थे, तब उन वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं को वहां से भी खदेड़ दिया गया, इस पर कई वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं को काफी अपमानित होना पड़ा, जिसके बाद उक्त नेताओं ने कांग्रेस भवन में व्यक्ति विशेष साम्राज्य बताते हुए छत्तीसगढ़ भवन का सहारा लेना पड़ा | विधानसभा समन्वयक से वन-टू-वन होते तक सभी दावेदार छत्तीसगढ़ भवन में ही बैठे रहे | इसे लेकर कइयों कांग्रेस नेताओं ने जमकर नाराजगी भी जताई है, यह पूरा पॉलिटिकल ड्रामा विधानसभा समन्वयक से वन-टू-वन होने के बाद शांत नहीं हुआ, बल्कि देर शाम तक खींचता रहा |

देर शाम एक हॉटल में एक कांग्रेस नेता ने जन्मदिन पार्टी का आयोजन किया । लोग रायशुमारी के दौरान होने वाली गतिविधियों को लेकर पहले ही नाराज थे । इसी बात चर्चा के दौरान शहर के दो बड़े नेताओं में बहस शुरू हो गई, देखते ही देखते मामला हाथापाई तक पहुंच गया । आनन-फानन में पार्टी में मौजूद लोगों ने दोनों के बीच-बचाव हाथापायी को रोका । बताते हैं इस दौरान दोनों कांग्रेस के दोनों प्रमुख दावेदारों ने एक दूसरे पर जमकर कीचड़ उछाला, दोनों एक-दूसरे को जमकर गाली-गलौच भी किये | इस पुरे मामले के बाद कांग्रेस में गुटबाजी खुलकर देखने को मिल रही है |

रातोंरात बूथ अध्यक्षों की नियुक्ति पर उठ रहे सवाल

नाराज दावेदारों का माने तो किसी व्यक्ति विशेष को लाभ पहुँचाने के लिए रातोंरात कई बूथ अध्यक्षों की नियुक्ति कर दी गई, तो कई बूथ अध्यक्ष बदल दिए गए | सेक्टर प्रभारी में भी कई नए चेहरे देखने को मिले | कुछ पार्षद तो बताते हैं कि कई तो ऐसे बूथ अध्यक्ष थे, जिन्हे उनके वार्ड के पार्षद तक नहीं पहचानते है | इसे लेकर शहर के पार्षद भी कुछ दावेदारों के खिलाफ लामबंद होते दिखाई दे रहे हैं, पार्षदों का स्पष्ट कहना है कि यदि दावेदार का नाम फ़ाइनल कर लिया गया है, तो हमसे ऐसी रायशुमारी का मतलब ही क्या है? पीसीसी सही दावेदार कि चयन नहीं करती है तो पार्षद घर बैठकर पार्टी के लिए काम करेंगे |

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