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बिग ब्रेकिंग : 1850 रुपये प्रति क्विंटल में ही होगी धान खरीदी, मगर किसानों के खाते में पहुंचाएंगे 25 सौ रुपए….CM भूपेश बोले – आपके अहंकार को प्रणाम, केंद्र सरकार के अहंकार को प्रणाम

धान खरीदी के मुद्दे पर एक नया मोड़ देखने को मिल रहा है, केंद्र सरकार की ओर से तय मिनिमम सपोर्ट प्राइज पर ही छत्तीसगढ़ में धान खरीदी होगी | विधानसभा में आज धान खरीदी पर स्थगन प्रस्ताव पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने यह बयान दिया है, उन्होंने यह स्पष्ट किया है कि केंद्र की तय एमएसपी यानी 1850 रूपए प्रति क्विंटल की दर से ही धान की खरीदी की जाएगी | 2500 रूपए समर्थन मूल्य पर खरीदी किए जाने के वादे के अनुरूप सरकार ने एक मंत्रीमंडलीय कमेटी के गठन को मंजूरी दी है, जो यह तय करेगी कि अंतर की राशि कैसे किसानों को दी जाए |

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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि हम केंद्र सरकार की दर को टांग देंगे और 1840 की दर से ख़रीदेंगे, आपके अहंकार को प्रणाम, केंद्र सरकार के अहंकार को प्रणाम, लेकिन 2500 किसान का हक़ है और वो हम देकर रहेंगे | अब वो कैसे दे इसके लिए समिति बनी है जिसमें कृषि मंत्री वन मंत्री उच्च शिक्षा मंत्री खाद्य मंत्री सहकारिता मंत्री शामिल हैं, यह विभिन्न राज्यों का अध्ययन करेगी और निष्कर्ष देगी कि किसानों को उनके हक़ का पैसा कैसे दिया जाये, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दोहराया कि 2500 रुपए किसान का हक़ है और वो हम उनकी जेब में देकर रहेंगे, पर यह किस मद से दिया जाए इसके लिए समिति अपनी राय देगी |

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आपको बता दें कि कांग्रेस ने चुनाव के वक्त 2500 रुपये प्रति क्विंटल पर धान खरीदी का वादा किया था, लगातार राज्य सरकार केंद्र सरकार से सेंट्रल पूल में इसे लेकर चावल खरीदने का अनुरोध भी कर रही थी, लेकिन केंद्र से सकारात्मक जवाब नहीं मिलने की वजह से अब राज्य सराकर ने केंद्र के एमएसपी पर ही धान खरीदी का फैसला लिया है । मतलब 1850 रुपये प्रति क्विंटल में अभी धान की खरीदी होगी, जबकि 2500 रुपये प्रति क्विंटल पर खरीदी के लिए एक मंत्रीमंडलीय कमेटी बनाई गई है । मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि मंत्रीमंडलीय कमेटी अध्ययन कर इसकी रिपोर्ट देगी और उसके बाद फैसला लिया जायेगा ।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि हमने किसानों को 2500 रूपए समर्थन मूल्य पर ही धान खरीदी किए जाने का वादा किया है, इसे पूरा किया जाएगा, लेकिन केंद्र के नीतिगत फैसले में आ रही अड़चनों को देखते हुए अंतर की राशि कैसे किसानों को दी जाएगी, इसके लिए एक कमेटी का गठन किया जा रहा है, इस कमेटी में कृषि मंत्री रविंद्र चौबे, खाद्य मंत्री अमरजीत सिंह, सहकारिता मंत्री प्रेमसाय सिंह टेकाम और उच्च शिक्षा मंत्री उमेश पटेल शामिल किए गए हैं |

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