पॉलिटिकल कैफे हल्लाबोल

CM भूपेश और पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह के बीच शायराना ट्विटर वॉर, भूपेश के तंज पर रमन का जवाब….लिखा – “पुरानी कश्ती को पार लेकर फकत हमारा हुनर गया है.. नए खिवैया कहीं न समझे नदी का पानी उतर गया है”

धान खरीदी को लेकर सियासत गरमा चुकी है । पक्ष-विपक्ष के नेता ट्वीटर वार पर उतर आये हैं |  एक दिन पहले सीएम भूपेश बघेल ने दो सवाल पूछे थे। उन्होंने केंद्र सरकार को निशाने पर लेते हुए पूछा था कि

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क्या किसानों को 2500 रुपये प्रति क्विंटल धान का समर्थन मूल्य मिलना चाहिये या नहीं मिलना चाहिये ?

पिछली बार सेंट्रल पूल में खरीदी की इजाजत को लेकर केंद्र ने जो नियमों को स्थिल किया था, क्या इस बार स्थिल होना चाहिये या नहीं ?

जिसके जवाब में आज पूर्व सीएम रमन सिंह ने एक के बाद एक ट्वीट कर प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर निशाना साधा है । उन्होंने ट्वीट किया है कि पिछले 1 वर्ष से प्रदेश के किसान केवल प्रतीक्षा ही कर रहे हैं और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी उन्हें गुमराह करने की पुरजोर कोशिश में हैं । उन्होंने अपने दूसरे ट्वीट में दो सवाल भी किए हैं। उन्होंने लिखा है कि प्रदेश के किसानों की ओर से मेरे आपसे 2 स्पष्ट सवाल हैं जिनके स्पष्ट उत्तर आज प्रदेश का हर किसान चाहता है।

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1. क्या विधानसभा चुनाव 2018 में कांग्रेस के घोषणा पत्र में धान खरीदी की न्यूनतम दर ₹2500 प्रति क्विंटल निर्धारित थी?
2. क्या आपने घोषणा पत्र में किसानों से यह वादा करने से पूर्व केंद्र सरकार से अनुमति ली थी या सिर्फ किसानों को बहलाने के लिए यह योजना बनाई थी?

 

इसके बाद आज मुख्यमंत्री भीपेश बघेल ने शायराना अंदाज में ट्वीट कर बीजेपी और मोदी सरकार पर निशाना साधा, उन्होंने लिखा कि

“हम अम्न चाहते हैं, मगर जुल्म के ख़िलाफ़..

ग़र जंग लाज़मी है तो फिर जंग ही सही”
जिसके बाद फिर से  पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने फ़ेसबुक पर दो पंक्तियाँ लिखी –
“पुरानी कश्ती को पार लेकर, फ़क़त हमारा हुनर गया है..
नए खिवैया कहीं न समझें नदी का पानी उतर गया है”

पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने इस कविता के साथ लिखा है कि किसानों से झूठे वादे कर के सत्ता हासिल करने वाले अपनी नाकामी छुपाने धमकी की शर्मनाक राजनीति कर रहे हैं।

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