पॉलिटिकल कैफे हल्लाबोल

अंतागढ़ टेपकांड का “सियासी बम” फूटा….मंतूराम ने मजिस्ट्रेट के सामने कहा – 7 करोड़ में हुई थी अंतागढ़ चुनाव डील, मूणत के बंगले में पैसे का लेनदेन….रमन, मूणत और जोगी के साथ हुई थी डील

अंतागढ़ टेपकांड में सियासी बम फुट चूका है, मंतूराम पवार ने मजिस्ट्रेट के सामने बयान दिया है कि पूर्व मंत्री राजेश मूणत के बंगले में साढ़े 7 करोड़ में डील हुई थी, मंतूराम पवार ने मामले में पूर्व सीएम डॉ रमन सिंह, अजीत जोगी, अमित जोगी और राजेश मूणत के खिलाफ गंभीर आरोप लगाया है |

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मंतूराम ने मजिस्ट्रेट के सामने धारा 164 के तहत बयान दर्ज कराते हुए कहा है कि उस पर प्रेशर डालकर यह डील की गई थी, इस डील के बाद वह काफी गिल्टी महसूस कर रहा था, मंतूराम पवार ने आगे कहा कि इस पूरे मामले में तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह, अजीत जोगी, अमित जोगी शामिल थे. पूर्व मंत्री राजेश मूणत के बंगले पर साढ़े 7 करोड़ रुपए का लेनदेन हुआ था |

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बता दें कि अंतागढ़ में उपचुनाव के समय कांग्रेस उम्मीदवार मंतूराम पवार ने एन मौके पर अपना नाम वापस लेकर सबको चौंका दिया था, इस पूरे प्रकरण में एक सीडी वायरल हुई थी, सीडी में कथित तौर पर अमित जोगी, अजीत जोगी, डॉ पुनीत गुप्ता, मेनन और फिरोज सिद्धिकी की आवाजें थी |
इस पूरे प्रकरण को लेकर एक सीडी वायरल हुई जिसमें कथित तौर पर अमित जोगी, अजित जोगी, डॉ पुनीत गुप्ता, मेनन और फिरोज सिद्दकी की आवाज़ें थी । यह कथित सीडी यह संकेत देती थी मंतुराम पवार को जानबूझकर नाम वापस कराया गया । कांग्रेस शासनकाल आते ही इस मसले को लेकर एसआईटी गठित की गई और फिर पंडरी थाने में अपराध दर्ज किया गया था। पंडरी थाने में दर्ज अपराध किरणमयी नायक प्रार्थी हैं जबकि आरोपी के रुप में मंतुराम पवार, अजित जोगी अमित जोगी और डॉ पुनीत गुप्ता के नाम दर्ज है। इधर अंतागढ़ टेप कांड मामले में वॉइस सैम्पल को लेकर 11 सितंबर को अगली सुनवाई होगी, अमित जोगी ने मामले में खुद ही पैरवी करने की इच्छा जताई है |

ये है पूरा मामला
साल 2014 में अंतागढ़ के तत्कालीन विधायक विक्रम उसेंडी ने लोकसभा का चुनाव जीतने के बाद इस्तीफा दिया था, वहां हुए उपचुनाव में कांग्रेस ने पूर्व विधायक मंतू राम पवार को प्रत्याशी बनाया था, भाजपा से भोजराम नाग खड़े हुए थे, नाम वापसी के अंतिम वक्त पर मंतूराम ने अपना नामांकन वापस ले लिया था | इससे भाजपा को एक तरह का वाकओवर मिल गया था, बाद में फिरोज सिद्दीकी नाम से एक व्यक्ति का फोन कॉल वायरल हुआ था, आरोप लगे थे कि तब कांग्रेस में रहे पूर्व सीएम अजीत जोगी के पुत्र अमित जोगी ने मंतू की नाम वापसी कराई | टेपकांड में कथित रूप से अमित जोगी और तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के दामाद पुनीत गुप्ता के बीच हुई बातचीत बताई गई थी |

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