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”पति, पत्नी और वो” खबरों का डिप्टी कलेक्टर ने किया खुलासा….फेसबुक पर पोस्ट शेयर कर निकाली भड़ास….SDM की जज पत्नी पर लगाया गंभीर आरोप….मीडिया पर भी बोला हमला, कहा- मीडिया ने जोमैटो के जैसा ख़बर डिलीवरी देने का किया काम

डिप्टी कलेक्टर रूचि शर्मा ने अपने और एसडीएम के बीच प्रेम प्रसंग के खबरों का खंडन करते हुए एसडीएम की जज पत्नी पर हमला बोला है | रूचि शर्मा ने अपने सोशल पेज पर मीडिया और लोगों पर हमला बोलते हुए लिखा है कि मीडिया ने बिना किसी सोच विचार किए, बिना पुलिस पंचनामा देखे (जिसमे स्पष्ट लिखा है कि “वो” कमरे के बाहर समान सहित थी और समय 9बजे सुबह थी) बस जोमैटो के जैसा ख़बर डिलीवरी देने का काम किया।
उससे भी बढ़कर आम और बुद्धिजीवियों ने अपने गॉशिप में इस “वो” के मुद्दे को प्रमुखता के साथ शेयर किया।

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बता दें कि 11 जून को मंगलवार की रात खबर आयी थी की एनटीपीसी रायपुर के गेस्ट हाउस में जज पत्नी ने अपनी एसडीएम पति को डिप्टी कलेक्टर के साथ रंगरेली मनाते हुए रंगे हाथों पकड़ा था , जिसके बाद उन्होंने पुलिस के पास अपने एसडीएम पति के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया था |

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इस घटना से आहत होकर डिप्टी कलेक्टर रूचि शर्मा ने अपने फेसबुक पेज पर लिखा है कि

एक घटना से पीड़ित हु,,मेरा मन विफर गया है ,

क्या लड़की होना उसपर भी एक संघर्षशुदा स्वयं की पहचान बनाने की कोशिश करने वाली लड़की होना कोई ग़ुनाह है।
क्या आज भी समाज महिलाओ को बस चटकारा ख़बरों के रूप में परोसना अपना मेज़बानी समझता है।

मैं अपने स्कूल समय मे 10वी और 12 वी मेरिट में थी।तब इस रूप में इतना पहचान ना मिला।
Psc में 3rd रैंक लायी तब भी इतना पहचान ना मिला।
एक 7- 8 साल से घसीटते हुए परिवार के आपसी ताने बाने में फस जब इस तरह से बदनाम किया गया तो समाज के मेरे अपने पराये लोगो ने इसे मेरा तमग़ा समझ मुझे उतरन बना दिया।

क्या जानते है आप उस सुबह की सच्चाई ,कि एक ओपन माइंडेड लड़की ने अपने जरूरत पर सीनियर का सहारा लिया।
एक शकी और सेल्फिश औरत जो अपने पति और बच्चों को 3 माह से दूर रखकर इस एक मौके का तलाश कर रही थी कि आपसी पारिवारिक झगड़े में अपने पति को समाज मे नीचा दिखाया जा सके।उस उच्चवर्गीय पत्नी ने भी पति पत्नी के झगड़े के बीच उसे वो की उपाधि से नवाजा , जिससे वह इस घटना को नमक मिर्च लगाकर स्वयं मीडिया में परोस सके ताकि उसके अहम को शांति मिले ।

पत्नी हर बार पीड़ित नही होती ,हर बार पुरुष जल्लाद , अय्याश , कमीना नही होता और यदि कोई महिला कानून के तहत दिए विशेषाधिकार का गलत प्रयोग करती हैं तो इसमें आपत्ति होनी चाहिए।

मीडिया ने भी बिना किसी सोचविचार किये ,बिना पुलिस पंचनामा देखे (जिसमे स्पष्ट लिखा है कि “वो” कमरे के बाहर समान सहित थी और समय 9बजे सुबह थी)बस जोमैटो के जैसा ख़बर डिलीवरी देने का काम किया।
उससे भी बढ़कर आम और बुद्धिजीवियों ने अपने गॉशिप में इस “वो” के मुद्दे को प्रमुखता के साथ शेयर किया।

मैं दुखी इस बात से हु कि छत्तीसगढ़ में
किस लड़की ने इस बार NEET या JEE में टॉप किया ये शेयर नही हुआ, किस लड़की ने किस top media ग्रुप या industry’s को जॉइन किया ये शेयर नही हुआ,किस लड़की ने सबसे ज्यादा मतो से दूसरे प्रत्याशी को हराया ये शेयर नही हुआ, किसने क्या मैडल लाया इतना शेयर नही हुआ। क्या अब भी मीडिया, सोसल मीडिया और आम समाज लड़कियों के रेप, छेड़खानी, हत्या, चरित्र हनन जैसी घटनाओं को चटकारे लेकर सुनना अपना हक़ समझते है।

जिस तरह से ये अनर्गल खबर बढ़ा चढ़ाकर वायरल किया गया,एक आम लड़की के जैसे मुझे शर्म से मर जाना चाहिए।

लेकिन मेरा भी परिवार है,मेरी भी जिम्मेदारी है,मेरा भी वजूद है,मेरा भी अतीत है, और मेरा भी भविष्य है। मैं सब परिस्थितियों का सामना करूँगी,साहस से करूँगी ।

 

 

 

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